आइये सबसे पहले जानते है कि गुडफेलोस स्टार्टअप में क्या है। 

गुडफेलोस मुख्य कार्य है उन बुजुर्गों की मदद करना जो अकेले अपना जीवन-यापन करते हैं। 

हमारे देश भारत में अभी लगभग 5 करोड़ बुजुर्ग ऐसे है जो अकेले रहते हैं। 

इन सभी बुजुर्गों में से कुछ बुजुर्ग ऐसे हैं जो अपने साथी के खोने के कारण अकेले है तो कुछ परिवार के दूसरी जगह जाने के कारण उन्हें अकेले जीवन गुजारना पड़ रहा है। 

गुडफेलोस के तहत पहला महीना में बुजुर्गों को सब मुफ़्त मिलेगा, दूसरे महीने में उनसे कुछ चार्ज लिया जाएगा मेम्बर्शिप के तौर पर। यह चार्ज बुजुर्गों के मेम्बरसिप के आधार पर होगा। 

इस गुडफेलोस स्टार्टअप को चालू करने वाले व्यक्ति का नाम शांतनु नायडू है। 

ये रतन टाटा के ऑफिस में Deputy General Managerके रूप में काम कर रहे हैं। 

शांतनु नायडू ने अपनी पढ़ाई Cornell Universityसे की है और ये 2018 से रतन टाटा की मदद कर रहे हैं। 

रतन टाटा (Ratan Tata) ने मंगलवार को गुडफेलोज स्टार्टअप में इंवेस्ट करने की घोषणा की है। 

यह पहला कम्‍पैनियनशिप स्‍टार्टअप है जो देश के सीनियर सिटीजन्स के लिए है। 

इस स्टार्टअप का मुख्य कार्य यह है कि देश के शिक्षित ग्रेजुएट्स युवाओं के जरिए अकेले रहने वाले बुजुर्गों की मदद करना।