सरदार पूर्ण सिंह जीवन परिचय | Sardar Puran Singh Biography In Hindi

सरदार पूर्ण सिंह जीवन परिचय | Sardar Puran Singh Biography In Hindi | Sardar Puran Singh Ka Jeevan Parichay

         आज हम आप लोगों को द्विवेदी-युग के श्रेष्ठ निबंधकार सरदार पूर्ण सिंह जी का जीवन परिचय  (Sardar Puran Singh Biograph) के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त यदि आपको और भी कोई लेखकों का जीवन परिचय चाहिए तो आप हमारे website के top Menu में जाकर प्राप्त कर सकते है। 

सरदार पूर्ण सिंह जीवन परिचय | Sardar Puran Singh Biography

        द्विवेदी-युग के श्रेष्ठ निबंधकार सरदार पूर्णसिंह का जन्म सन् 1881 ई० में सीमा प्रान्त (जो अब पाकिस्तान में है ) के एबटाबाद जिले के एक गाँव में हुआ था। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा रावलपिंडी में हुई थी। हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ये लाहौर चले गये। लाहौर के एक कालेज से इन्होने एफ0 ए0 की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद एक विशेष छात्रवृत्ति प्राप्त कर सन् 1900 ई0 में रसायनशास्त्र के विशेष अध्ययन के लिए ये जापान चले गये और वहाँ इम्पीरियल यूनिवर्सिटी में अध्ययन करने लगे। जब जापान में होनेवाली विश्व धर्म सभा में भाग लेने के लिए स्वामी रामतीर्थ वहाँ पहँचे तो उन्होंने वहाँ अध्ययन कर रहे भारतीय विद्यार्थियों से भी भेंट की। इसी क्रम में सरदार पूर्णसिंह से स्वामी रामतीर्थ की भेंट हुई। स्वामी रामतीर्थ से प्रभावित होकर इन्होंने वहीं संन्यास ले लिया और स्वामी जी के साथ ही भारत लौट आये। स्वामी जी की मृत्यु के बाद इनके विचारों में परिवर्तन हुआ और इन्होंने विवाह करके गृहस्थ जीवन व्यतीत करना आरम्भ किया। इनको देहरादून के इम्पीरियल फारेस्ट इंस्टीट्यूट में 700 रुपये महीने की एक अच्छी अध्यापक की नौकरी मिल गयी। यहीं से इनके नाम के साथ अध्यापक शब्द जुड़ गया। ये स्वतंत्र प्रवृत्ति के व्यक्ति थे, इसलिए इस नौकरी को निभा नहीं सके और त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद ये ग्वालियर गये। वहाँ इन्होंने सिखों के दस गुरुओं और स्वामी रामतीर्थ की जीवनियाँ अंग्रेजी में लिखीं। ग्वालियर में भी इनका मन नहीं लगा। तब ये पंजाब के जडाँवाला स्थान में जाकर खेती करने लगे। खेती में हानि हुई और ये अर्थ-संकट में पड़कर नौकरी की तलाश में इधर-उधर भटकने लगे। इनका सम्बन्ध क्रान्तिकारियों से भी था। ‘देहली षड्यंत्र’ के मुकदमे में मास्टर अमीरचंद के साथ इनको भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था किन्तु इन्होंने मास्टर अमीरचंद से अपना किसी प्रकार का सम्बन्ध होना स्वीकार नहीं किया।

          प्रमाण के अभाव में इनको छोड़ दिया गया। वस्तुतः मास्टर अमीरचंद स्वामी रामतीर्थ के परम भक्त और गुरूभाई थे। प्राणों की रक्षा के लिए इन्होंने न्यायालय में झूठा बयान दिया था। इस घटना का इनक मन पर गहरा प्रभाव पड़ा था। भीतर-ही-भीतर ये पश्चाताप की अग्नि में जलते रहते थे। इस कारण भी ये व्यवस्थित जीवन व्यतीत नहीं कर सके और हिन्दी साहित्य की एक बड़ी प्रतिभा पूरी शक्ति से हिन्दी की सेवा नहीं कर सकी। 31 मार्च, 1931 में इनकी मृत्यु हो गयी।

प्रसिद्ध लेखकों के जीवन परिचय

          सरदार पूर्णसिंह (Sardar Puran Singh) के हिन्दी में कुल छह निबंध उपलब्ध हैं-

  1. सच्ची वीरता
  2. आचरण की सभ्यता
  3. मजदूरी और प्रेम
  4. अमेरिका का गस्त योगी वाल्ट ह्विटमैन
  5. कन्यादान
  6. पवित्रता

इन्हीं निबंधों के बल पर इन्होंने हिन्दी गद्य-साहित्य के क्षेत्र में स्थान बना लिया है। इन्होंने निबंध रचना के लिए मुख्य रूप से नैतिक विषयों को ही चुना।

          सरदार पूर्णसिंह (Sardar Puran Singh) के निबंध विचारात्मक होने के साथ-साथ भावात्मक भी हैं। ये प्रायः मूल विषय से हटकर उससे सम्बन्धित अन्य विषयों की चर्चा करते हुए दूर तक भटक जाते हैं और फिर स्वयं सफाई देते हुए मूल विषय पर लौट आते हैं। उद्धरण बहुलता (विभिन्न चीजों के बारे में उल्लेख करना) इनकी निबंध-शैली की विशेषता है।

          सरदार पूर्णसिंह (Sardar Puran Singh) की भाषा शुद्ध खड़ीबोली है, किन्तु उसमें संस्कृत के तत्सम शब्दों के साथ-साथ फारसी और अंग्रेजी के शब्द भी प्रयुक्त हुए हैं। भावात्मकता, विचारात्मकता, वर्णनात्मकता, सूत्रात्मकता, व्यंग्यात्मकता इनकी शैली की प्रमुख विशेषताएँ हैं। विचारों और भावनाओं के क्षेत्र में ये किसी सम्प्रदाय से बँधकर नहीं चलते। इसी प्रकार शब्द-चयन में भी ये अपने स्वच्छन्द स्वभाव को प्रकट करते हैं। इनका एक ही धर्म है मानववाद और एक ही भाषा है हृदय की भाषा। सच्चे मानव की खोज और सच्चे हृदय की भाषा की तलाश ही इनके साहित्य का लक्ष्य है।

        इस पोस्ट के माध्यम से हम द्विवेदी युग के महान् साहित्यकार सरदार पूर्ण सिंह जी का जीवन परिचय (Sardar Puran Singh Biograph) के बारे में  जाना। उम्मीद करती हु आपको हमारा ये पोस्ट पसंद आया होगा। पोस्ट अच्छा लगा तो इसे अपने दोस्त के साथ शेयर करन न भूले। किसी भी तरह का सवाल हो तो आप हमसे कमेन्ट बॉक्स में पूछ सकतें हैं। साथ ही हमारे Blogs को Follow करे जिससे आपको हमारे हर नए पोस्ट कि Notification मिलते रहे।

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