NCERT Solutions For Class-9 | साँवले सपनों की याद का सारांश | Sanwale Sapno Ki Yaad

NCERT solutions for class-9 | साँवले सपनों की याद का सारांश | Sanwale Sapno ki Yaad

NCERT solutions for class-9

NCERT solutions for class-9 | साँवले सपनों की याद का सारांश | Sanwale Sapno ki Yaad

 

          आज हम आप लोगों को क्षितिज भाग 1  कक्षा-9 पाठ- 4 (NCERT Solutions for class-9 kshitij bhag-1) के साँवले सपनों की याद (Sanwale Sapno ki Yaad) कहानी जो कि जाबिर हुसैन (Jabir Hussain) द्वारा लिखित है, इस पाठ के सारांश के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त यदि आपको और भी NCERT हिन्दी से सम्बन्धित पोस्ट चाहिए तो आप हमारे website के Top Menu में जाकर प्राप्त कर सकते है।

 

Sanwale Sapno ki Yaad Summary | साँवले सपनों की याद – पाठ का सारांश

 

          ‘साँवले सपनों की याद’ (Sanwale Sapno ki Yaad) पाठ में एक व्यक्ति का चित्र खींचा गया है। लेखक कहते हैं कि सुनहरे रंग के पक्षियों के पंखों पर साँवले सपनों का एक हुजूम सवार रहता है और वह पक्षी मौत की खामोश वादी की तरफ चला जा रहा है। उस झुंड में सबसे आगे सालिम अली चल रहे हैं। वे सैलानियों की तरह एक अंतहीन यात्रा की ओर चल पड़े हैं। इस बार का सफर उनका अंतिम सफर है। इस बार उन्हें कोई भी वापस बुला नहीं सकता क्योंकि वे अब एक पक्षी की तरह मौत की गोद में जा बसे हैं।

          सालिम अली इस बात से बहुत ही दुखी तथा नाराज़ थे कि लोग पक्षियों को आदमी की तरह देखते हैं। लोग पहाड़ों, झरनों तथा जंगलों को भी आदमी की नज़र से देखते हैं। यह गलत है क्योंकि कोई भी आदमी पक्षियों की मधुर आवाज़ सुनकर रोमांचित नहीं हो सकता है।

यह भी पढ़े-  प्रेमचंद के फटे जूते का सारांश | Premchand ke Phate Jute summary | NCERT Solutions for class 9

          लेखक कहते हैं कि वृंदावन में भगवान कृष्ण ने मालूम नहीं कब रासलीला की थी, कब ग्वाल-बालों के साथ खेल खेले थे? कब मक्खन खाया था? कब बाँसुरी बजाई थी? कब वन-विहार किया था? किंतु आज जब हम इस यमुना के काले पानी को देखते हैं तो ऐसा लगता है कि अभी-अभी भगवान श्रीकृष्ण बाँसुरी बजाते हुए आ जाएँगे और सारे वातावरण में संगीत का जादू छा जाएगा। वृंदावन से कृष्ण की बाँसुरी का जादू कभी खत्म ही नहीं होता।

          सालिम अली ने बहुत भ्रमण किया था तथा उनकी उम्र सौ वर्ष की हो रही थी। अतः उनका शरीर दुर्बल हो गया था। मुख्यतः वे यात्रा करते-करते बहुत थक चुके थे, परंतु इस उम्र में भी उनके अंदर पक्षियों को खोजने का जुनून सवार था। दूरबीन उनकी आँखों पर या गरदन में पड़ी रहती थी तथा उनकी नज़र दूर-दूर तक फैले आकाश में पक्षियों को ढूँढ़ती रहती थी। उन्हें प्रकृति में एक हँसता-खेलता सुंदर-सलोना संसार दिखाई देता था।

          इस सुंदर रहस्यमयी दुनिया को उन्होंने बहुत ही परिश्रम से बनाया था। इसके बनाने में उनकी पत्नी तहमीना का भी योगदान था। सालिम अली केरल की साइलेंट वैली को रेगिस्तान के झोंकों से बचाना चाहते थे। इसलिए वे एक बार पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से भी मिले थे। चौधरी चरण सिंह गाँव में जन्मे हुए थे और गाँव की मिट्टी से जुड़े हुए थे। अतः वे सालिम अली की पर्यावरण की सुरक्षा संबंधी बातें सुनकर भावुक हो गए थे। आज ये दोनों व्यक्ति नहीं हैं। अब देखते हैं कि हिमालय के घने जंगलों में बर्फ़ से ढकी चोटियों तथा लेह – लद्दाख की बर्फीली ज़मीनों पर रहने वाले पक्षियों की चिंता कौन करता है ?

यह भी पढ़े-  Dukh ka Adhikar Summary | दुःख का अधिकार सारांश | NCERT Solutions for Class 9 Sparsh Chapter 1

          सालिम अली ने अपनी आत्मकथा का नाम रखा था ‘फॉल ऑफ ए स्पैरो’। लेखक को याद है कि डी.एच. लॉरेंस की मृत्यु के बाद जब लोगों ने उनकी पत्नी फ्रीडा लॉरेंस से अपने पति के बारे में लिखने का अनुरोध् किया तो वे बोली थीं कि मेरे लिए लॉरेंस के बारे में लिखना असंभव-सा है, मुझसे ज्यादा तो उनके बारे में छत पर बैठने वाली गौरैया जानती है।

          बचपन में अन्य बच्चों के समान सालिम अली अपनी एयरगन से खेल रहे थे। खेलते समय उनकी एयरगन से एक चिड़िया घायल होकर गिर पड़ी थी। उसी दिन से सालिम अली के हृदय में पक्षियों के प्रति दया का भाव जाग उठा और वे पक्षियों की खोज तथा उनकी रक्षा के उपायों में लग गए। प्राकृतिक रहस्यों को जानने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे। इसके लिए उन्होंने बड़े-से-बड़े तथा कठिन-से-कठिन कार्य किए।

          इस पोस्ट के माध्यम से हमने यह जाना कि NCERT solutions for class-9 kshitij bhag-1 chapter-4 साँवले सपनों की याद (Sanwale Sapno ki Yaad)  कहानी के सारांश के बारे में। उम्मीद करती हूँ किआपको हमारा यह पोस्ट पसंद आया होगा। पोस्ट अच्छा लगा तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले। किसी भी तरह का प्रश्न हो तो आप हमसे कमेन्ट बॉक्स में पूछ सकतें हैं। साथ ही हमारे Blogs को Follow करे जिससे आपको हमारे हर नए पोस्ट कि Notification मिलते रहे।

          आपको यह सभी पोस्ट Video के रूप में भी हमारे YouTube चैनल  Education 4 India पर भी मिल जाएगी।

NCERT solutions for class-9 ( हिन्दी)

कृतिका भाग-1

अध्याय- 1 इस जल प्रलय में  सारांश प्रश्न-उत्तर
अध्याय- 2 मेरे संग की औरतें सारांश प्रश्न-उत्तर
अध्याय- 3 रीढ़ की हड्डी सारांश प्रश्न-उत्तर
अध्याय- 4 माटी वाली सारांश प्रश्न-उत्तर
अध्याय- 5 किस तरह आखिरकार सारांश प्रश्न-उत्तर
  मैं हिंदी में आया    
       

क्षितिज भाग 1

   
अध्याय- 1 दो बैलों की कथा सारांश   प्रश्न -उत्तर
अध्याय- 2 ल्हासा की ओर सारांश   
अध्याय- 3 उपभोक्तावाद की संस्कृति  सारांश  
यह भी पढ़े-  Kallu Kumhar Ki Unakoti Summary | कल्लू कुम्हार की उनाकोटी सारांश | Class 9 Sanchayan Chapter 3

Leave a Comment

Your email address will not be published.

Scroll to Top