NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 summary | नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया का सारांश
NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 summary | नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया का सारांश

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 summary | नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया का सारांश

 NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 summary | नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया का सारांश

          आज हम आप लोगों को क्षितिज भाग 1  कक्षा-9 पाठ-5 (NCERT Solutions for class 9 kshitij bhag-1) के नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया (Nana Sahab ki Putri Devi Maina ko Bhasm Kar Diya Gaya) कहानी का सारांश जो कि चपला देवी (Chapla Devi) द्वारा लिखित है, इस पाठ के कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त यदि आपको और भी NCERT हिन्दी से सम्बन्धित पोस्ट चाहिए तो आप हमारे website के Top Menu में जाकर प्राप्त कर सकते है।

नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया (Nana Sahab ki Putri Devi Maina ko Bhasm Kar Diya Gaya)

सारांश

          सन् 1857 के विद्रोही नेता धुंधूपंत नाना साहब जब क्रांतिकारी लड़ाई में असफल होकर भागे तो वे अपनी बेटी मैना को अपने साथ नहीं ले जा सके। मैना कानपुर के पास बिठूर में ही पिता के महल में रहती थी। उसी समय अंग्रेज़ों के एक दल ने बिठूर पहुँचकर नाना साहब के महल को लूट लिया। अंग्रेज़ सेनापति बोला, ‘तोपों के गोलों से महल भी नष्ट कर दिया जाए।’ तभी एक सुंदर बालिका बरामदे में आकर खड़ी हो गई तथा महल न तोड़ने के लिए अंग्रेज़ सेनापति से निवेदन करने लगी। 

          उस छोटी उम्र की लड़की के दुखी चेहरे को देखकर सेनापति को उस पर दया आ गई। उसने बालिका मैना से पूछा कि वह महल को क्यों बचाना चाहती है? तो बालिका ने सेनापति से प्रतिप्रश्न किया कि वे उस महल को क्यों तोड़ना चाहते हैं? 

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          सेनापति ने उत्तर दिया कि यह महल विद्रोहियों के नेता नाना साहब का है, अत: इसे नष्ट करने का आदेश मिला है। बालिका ने कहा कि दोषी तो शस्त्र उठाने वाले हैं। मकान तो जड़ पदार्थ है। इसने तो कोई अपराध नहीं किया। इसे नष्ट न करिए। यह स्थान मुझे बहुत प्रिय है। इसकी रक्षा कीजिए। 

          बालिका ने उस सेनापति को बताया कि आपकी पुत्री मेरी बहुत अच्छी दोस्त थी। जब वह थी तो आप भी मेरे घर आते थे तथा मुझे अपनी पुत्री जैसा प्यार करते थे। उसकी मृत्यु पर मैं बहुत दुखी हुई थी। उसकी एक चिट्ठी अब तक मेरे पास है। 

          सेनापति ने मैना को पहचान लिया। वह बोला, मैं महल बचाने का प्रयत्न करूँगा। इसी समय अंग्रेजों का प्रधान सेनापति अउटरम वहाँ आया और सेनापति ‘हे’ से बोला कि नाना का महल अभी तक उड़ाया क्यों नहीं? ‘हे’ ने कहा कि क्या किसी तरह नाना का यह महल बच सकता है? प्रधान सेनापति ने कहा, ‘गवर्नर जनरल की आज्ञा मिलने पर ही बच सकता है, अंग्रेज़ नाना से बहुत नाराज़ हैं, नाना के वंश तथा महल पर दया दिखाना असंभव है।’ सेनापति ‘हे’ ने कहा, फिर लॉर्ड केनिंग (गवर्नर जनरल) को इस विषय का तार दे देते हैं। अउटरम ने कहा कि आप ऐसा क्यों चाहते हैं? हम इस महल को बिना नष्ट किए तथा नाना की लड़की को गिरफ्तार किए बिना नहीं छोड़ सकते। 

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          सेनापति ‘हे’ दुखी होकर चला गया। उसके बाद अउटरम ने नाना के महल को घेर लिया। अंग्रेज़ सिपाही फाटक तोड़कर महल के अंदर घुस गए। उन्होंने मैना को बहुत ढूँढा किंतु वह न मिली। 

          उसी दिन लॉर्ड केनिंग का तार आया जिसका आशय इस प्रकार था-“लंडन के मंत्रिमंडल का मत है कि नाना के स्मृति चिह्न तक को मिटा दिया जाए इसलिए वहाँ की आज्ञा के विरुद्ध कुछ नहीं हो सकता।” उसी समय क्रूर जनरल अउटरम की आज्ञा से नाना साहब के सुविशाल राजमहल पर गोलाबारी होने लगी। घंटे भर में ही उसे मिट्टी में मिला दिया गया। 

          उस समय लंडन के प्रमुख पत्र टाइम्स में छपा-“बड़े दुख का विषय है कि भारत सरकार आज तक उस दुर्दान्त नाना साहब को नहीं पकड़ सकी। जिस पर सभी अंग्रेज जाति का भीषण क्रोध है। सर टामस ‘हे’ की नाना की बेटी पर दया करने की बात से हँसी आती है। शायद वे बुढ़ापे में उस महाराष्ट्री कन्या के सौंदर्य पर मोहित होकर अपना कर्तव्य भूल गए हैं। नाना की लड़की को सेनापति ‘हे’ के सामने फाँसी पर लटका देना चाहिए। 

          उसी वर्ष सितंबर की आधी रात के समय मैना महल के खंडहरों में बैठी रो रही थी। पास में ठहरी अउटरम की सेना ने उसे पकड़ कर गिरफ्तार कर लिया। मैना ने अउटरम से जी भरकर रोने की अनुमति माँगी किंतु क्रूर अउटरम को उस पर दया न आई। उसने मैना को गिरफ्तार कर लिया और कानपुर के किले में बंद कर दिया। फिर उसे धधकती आग में फेंक दिया गया। मैना जलकर भस्म हो गई। 

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          इस पोस्ट के माध्यम से हम क्षितिज भाग 1  कक्षा-9 पाठ-5 (NCERT solutions for class 9 kshitij bhag-1) के नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया (Nana Sahab ki Putri Devi Maina ko Bhasm Kar Diya Gaya) कहानी के सारांश जो कि चपला देवी (Chapla Devi) द्वारा लिखित हैं के बारे में जाने । उम्मीद करती हूँ कि आपको हमारा यह पोस्ट पसंद आया होगा। पोस्ट अच्छा लगा तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले। किसी भी तरह का प्रश्न हो तो आप हमसे कमेन्ट बॉक्स में पूछ सकतें हैं। साथ ही हमारे Blogs को Follow करे जिससे आपको हमारे हर नए पोस्ट कि Notification मिलते रहे।

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 क्षितिज भाग 1 सारांश  प्रश्न-उत्तर 
अध्याय- 1 दो बैलों की कथा प्रश्न -उत्तर
अध्याय- 2 ल्हासा की ओर प्रश्न -उत्तर
अध्याय- 3 उपभोक्तावाद की संस्कृति  प्रश्न -उत्तर
अध्याय- 4 साँवले सपनों की याद  प्रश्न -उत्तर
अध्याय- 5 नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया प्रश्न -उत्तर
अध्याय- 6 प्रेमचंद के फटे जूते
अध्याय- 7 मेरे बचपन के दिन

 

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