ANEKARTHI SHABD HINDI GRAMMAR | अनेकार्थी शब्द उदाहरण हिंदी व्याकरण

ANEKARTHI SHABD EXAMPLE | अनेकार्थी शब्द उदाहरण

अनेकार्थी शब्द – ANEKARTHI SHABD

प्रत्येक भाषा में कुछ ऐसे भी शब्द होते हैं जिनके कई अर्थ होते हैं, ऐसे शब्द  अनेकार्थी शब्द कहलाते हैं। ऐसे शब्दों के अर्थ उनके प्रयोग के आधार पर निश्चित किए जाते हैं। जैसे ‘हरि’ शब्द का अर्थ ‘सिंह’ तथा ‘विष्णु’ दोनों ही होता है और निम्न रूप से प्रयोग करने पर उसका अर्थ भिन्न भिन्न रूप में लिया जाएगा।

हरि ने हिरण को खा डाला (सिंह)
हरि हिरण की रक्षा करते हैं (विष्णु)

 

              कुछ अनेकार्थी शब्द

(अ )

अंक    –         गोद, संख्या के अंक, परिच्छेद

अंग     –         अंश, शाखा, शरीर, शरीर का कोई अवयव

अज     –         कामदेव, ब्रह्मा, शिव, दशरथ के पिता, बकरा

अंत     –         मरण, निकट, फल, प्रलय

अंतर   –         भेद, दूरी, बीच, व्यवधान

अनंत   –         आकाश, ब्रह्मा, अविनाशी

अम्बर           वस्त्र, आकाश, बादल, एक इत्र

अंबुज           कमल, ब्रह्मा, शंख, व्रज, बेंत

अमृत            जल, सुधा, अन्न, स्वर्ग

अर्थ     –         मतलबी, जिस पर सब ढोया जाये, धन

अलि    –         भौंरा, सहेली, कोयल, बिच्छू, सखी

अहि    –         सर्प, राहु, पृथ्वी, सूर्य

(आ)

आत्मा           मन, जीव, देह, ब्रह्मा, सूर्य, अग्नि, वायु

आदित्य        सूर्य, इन्द्र, एक छंद का नाम, एक पौध

आम    –         सर्वसाधारण, मामूली, सामान्य, रंज

(उ)

उत्सर्ग  –         समाप्ति, त्याग, दान

(क)

कनक  –         स्वर्ण, गेहूँ, धतूरा

कपि    –         बंदर, हाथ, सूर्य

कर              हाथ, किरण, टैक्स, ओला, हाथी की सूड़

कर्ण             कान, कुंती का पुत्र, समकोण त्रिभुज की सबसे बड़ी भुजा

काल    –         समय, अवसर, कल, यमराज, मृत्यु

काँटा   –         कंटक, छोटी तराजू, वंशी, मछली की हड्डी

कुल              सब, वंश, केवल, मात्र

(ख)

खग     –         पक्षी, तीर, देवता, सूर्य, ग्रह

खर              गधा, खच्चर, घना, सख्त

खंज    –         खंजन, लंगड़ा

खल    –         दुष्ट, बेहया, सूर्य, धतूरा, धरती, दवा कूटने का खरल

खैर     –         कत्था, कुशल

(ग)

गुण     –         रस्सी, तीन स्वभाव, महत्व,  कौशल

गुरु     –         वृहस्पति, बड़े भारी, आचार्य, शिक्षक, बड़ा

गो       –         गाय, इंद्रिय, भूमि, स्वर्ग, शिव का नंदी, सरस्वती, वज्र

गति     –         पाल, हालत, चाल, दशा, मोक्ष, पहुँच

गदहा  –         गधा, मूर्ख, वैद्य

ग्रहण   –         लेना, चन्द्र, सूर्यग्रहण

गिरा    –         सरस्वती, गिरना, वाणी

गोविंद –         कृष्ण, गोष्ठी का स्वामी

गोत्र     –         वंश, वज्र, पहाड़, नाम

गौर     –         गोरा, विचार

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(घ)

घन              बादल, मेघ, मुख, समूह, चना, घण्टा, घनफल

घट      –         घड़ा, देह, ह्रदय, किनारा

घाट     –         नावादि से उतरने-चढ़ने का स्थान, तरफ

घृणा    –         घिन, बादल

(च)

चक्र              पहिया, समय का चक्र, सेना, बवंडर, भंवर, वृत, चकवा

चंद्र               चंद्रमा, सोना, जल, कपूर

चरण            पैर, छंद का एक पद, मूल, किरण, गौत्र

चंचला  –         लक्ष्मी, स्त्री, बिजली

चोटी    –         शिखर, सिर, वेणी

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